Near Janipur Thana, Phulwari Sharif, Patna
माघ मेला: आग का तांडव, स्वामी राम सेवक शिविर समेत 20 से ज्यादा पंडाल जलकर खाक
प्रयागराज में चल रहे आस्था के सबसे बड़े केंद्र माघ मेले से एक दुखद और डराने वाली खबर सामने आ रही है। संगम तट पर बसे तंबुओं के शहर में भीषण आग ने कोहराम मचा दिया है। लगातार दूसरे दिन हुई इस आगजनी की घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
माघ मेला: आग का तांडव, स्वामी राम सेवक शिविर समेत 20 से ज्यादा पंडाल जलकर खाक
प्रयागराज माघ मेले के सेक्टर-4 स्थित लोअर मार्ग पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्वामी राम सेवक के शिविर में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के 20 से अधिक शिविरों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना का विवरण: आसमान में छाया काला धुआं
* विनाशकारी लपटें: आग इतनी भयानक थी कि धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर यानी झूंसी और संगम के दूसरे किनारों से भी साफ देखा जा सकता था।
* अचानक भड़की आग: शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग स्वामी राम सेवक के शिविर से शुरू हुई और हवा तेज होने के कारण तेजी से आसपास के कल्पवासियों के पंडालों तक फैल गई।
* मेले में भगदड़: आग लगते ही संगम तट पर मौजूद श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के बीच भगदड़ मच गई। लोग अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
राहत और बचाव कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही मेला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम सक्रिय हो गई:
* फायर ब्रिगेड की तैनाती: दमकल की एक दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुँचकर आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं।
* इलाका सील: आग को और फैलने से रोकने के लिए सेक्टर-4 के पूरे एरिया को सील कर दिया गया है। अन्य शिविरों से गैस सिलेंडर तुरंत बाहर निकाले जा रहे हैं ताकि कोई धमाका न हो।
* सुरक्षा बल: पीएसी (PAC) और जल पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की अपील की जा रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल: लगातार दूसरे दिन हादसा
कल भी मेले के एक हिस्से में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी और आज फिर इतनी बड़ी घटना हो गई।
* शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? हालांकि आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शिविरों में लगे हीटर या बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ।
* संसाधनों की कमी: श्रद्धालुओं का आरोप है कि सूचना देने के काफी देर बाद दमकल की गाड़ियां पहुँचीं, तब तक आग ने कई तंबुओं को खाक कर दिया था।
नुकसान का अनुमान
इस आगजनी में कई श्रद्धालुओं का कीमती सामान, राशन और बिस्तर जलकर राख हो गया है। फिलहाल किसी जनहानि (मौत) की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
निष्कर्ष
संगम तट पर कड़ाके की ठंड के बीच कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं के लिए यह एक बड़ा मानसिक और आर्थिक झटका है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने और बिजली के उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करने की अपील की है।
