Near Janipur Thana, Phulwari Sharif, Patna
सफाई मित्र सुरक्षा रैंकिंग: पुणे को पछाड़ पटना 15वें स्थान पर, राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए हुआ चयन
पटना के लिए यह गौरव का क्षण है! स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार सुधार कर रहे पटना ने अब सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के मामले में भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के 'नमस्ते' (NAMASTE) और सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज के मानकों पर पटना को देश के अग्रणी शहरों में चुना गया है।
सफाई मित्र सुरक्षा रैंकिंग: पुणे को पछाड़ पटना 15वें स्थान पर, राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए हुआ चयन
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी ताजा रैंकिंग में पटना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 65 प्रमुख शहरों की सूची में 15वां स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ ही पटना ने महाराष्ट्र के पुणे और राजकोट जैसे विकसित शहरों को पीछे छोड़ दिया है।
रैंकिंग की मुख्य बातें: कहाँ खड़ा है पटना?
इस सर्वेक्षण में शहरों का मूल्यांकन सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, उनके लिए उपलब्ध आधुनिक मशीनों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के आधार पर किया गया है:
* पटना की रैंक: 15वीं (देश के 65 बड़े शहरों में)।
* धनबाद का प्रदर्शन: झारखंड के धनबाद ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 11वां स्थान पाया है।
* पटना से नीचे रहे शहर: पुणे, राजकोट, नागपुर, जयपुर ग्रेटर और अलीगढ़ जैसे शहर इस बार सुरक्षा रैंकिंग में पटना से पीछे रह गए हैं।
* राष्ट्रीय सम्मान: इस बेहतर प्रदर्शन के आधार पर पटना का चयन मंत्रालय द्वारा जनवरी 2026 के अंत में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए किया गया है, जहाँ शहर को सम्मानित किया जाएगा।
पटना की सफलता के 4 बड़े कारण
पटना नगर निगम (PMC) द्वारा उठाए गए इन कदमों ने रैंकिंग सुधारने में मदद की:
* मैनहोल से मशीनहोल: सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए रोबोटिक मशीनों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग बढ़ा है, जिससे इंसानों को खतरनाक टैंकों में उतरने की जरूरत कम हुई है।
* सुरक्षा किट का अनिवार्य उपयोग: सफाई कर्मियों को पीपीई किट, ग्लव्स, मास्क और आधुनिक सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
* हेल्थ चेकअप और बीमा: सफाई मित्रों के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर और जीवन बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है।
* ट्रेनिंग प्रोग्राम: 'नमस्ते' योजना के तहत कर्मचारियों को मशीनों के संचालन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
रैंकिंग की तुलना: एक नज़र में
| शहर | रैंकिंग (65 शहरों में) |
|---|---|
| धनबाद | 11वां |
| पटना | 15वां |
| पुणे | 15+ (नीचे) |
| जयपुर ग्रेटर | 15+ (नीचे) |
निष्कर्ष: आगे का रास्ता
पटना का 15वें स्थान पर आना यह दर्शाता है कि शहर अब केवल कचरा प्रबंधन ही नहीं, बल्कि उस कचरे को साफ करने वाले "सफाई नायकों" के जीवन को सुरक्षित बनाने में भी गंभीर है। राष्ट्रीय कार्यक्रम में मिलने वाला सम्मान पटना नगर निगम के मनोबल को और बढ़ाएगा।
