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इंदौर जल त्रासदी: राहुल गांधी का मानवीय कदम, पीड़ितों को ₹1-1 लाख की मदद और सरकारी नौकरी का वादा

17-01-2026

इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस संकट की घड़ी में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर पहुँचकर पीड़ितों का दुख साझा किया और उन्हें बड़ी राहत पहुँचाने का प्रयास किया।

इंदौर जल त्रासदी: राहुल गांधी का मानवीय कदम, पीड़ितों को ₹1-1 लाख की मदद और सरकारी नौकरी का वादा

इंदौर में दूषित पानी (Contaminated Water) के कारण अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जो एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है। राहुल गांधी ने आज प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

मुलाकात और आर्थिक सहायता

 * तत्काल राहत: राहुल गांधी ने जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को ₹1-1 लाख के चेक सौंपे। उन्होंने कहा कि यह राशि केवल एक छोटी सी सहायता है, पार्टी और वे स्वयं पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

 * पूर्ण जिम्मेदारी: राहुल गांधी से मिलने के बाद पीड़ितों ने मीडिया को बताया कि राहुल जी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी वे उठाएंगे।

किशोर डुबकर से मुलाकात: नौकरी का भरोसा

हादसे के शिकार हुए किशोर डुबकर से राहुल गांधी ने विशेष रूप से बातचीत की। किशोर ने मुलाकात के बाद बताया:

> "राहुल गांधी ने मेरा हालचाल जाना और मुझे भरोसा दिलाया कि वे मेरी सरकारी नौकरी के लिए हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया और कहा कि मुझे घबराने की जरूरत नहीं है।"

इंदौर हादसे का भयावह मंजर

यह त्रासदी पिछले कुछ दिनों में इंदौर के विशेष इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई के कारण हुई है:

 * कुल मौतें: 24 (अब तक)।

 * अस्पताल में भर्ती: दर्जनों लोग अब भी गंभीर हालत में शहर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

 * प्रशासनिक चूक: स्थानीय प्रशासन पर ड्रेनेज और पीने के पानी की लाइन मिक्स होने के गंभीर आरोप लगे हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांग

राहुल गांधी के दौरे के साथ ही कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की सरकार पर तीखे हमले किए हैं:

 * इस्तीफे की मांग: विपक्षी दल इस मामले में संबंधित नगर निगम अधिकारियों और जल विभाग के मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

 * न्यायिक जांच: कांग्रेस ने इस 24 मौतों को 'प्रशासनिक हत्या' करार देते हुए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है।

निष्कर्ष

राहुल गांधी का यह दौरा पीड़ितों के लिए न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी एक बड़ा सहारा साबित हुआ है। हालांकि, 24 परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, जिसकी भरपाई केवल जवाबदेही तय होने और न्याय मिलने से ही हो सकती है।


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